जयपुर, 26 जून 2026(न्याय स्तंभ)। राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया की ओर से समाज हित में सार्वजनिक अपील जारी कर भर्ती से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों के नेता पवन चौधरी ने इस निर्णय का विरोध करते हुए निगम प्रशासन के साथ मिलकर सफाई व्यवस्था सुचारू रखने की बात कही है।
संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया द्वारा जारी अपील में मांग की गई है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में वर्षों से सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए, पूर्व न्यायालयीन प्रकरणों का निस्तारण किया जाए, भर्ती यूनियन के साथ हुए समझौते के अनुसार की जाए, ठेका प्रथा समाप्त कर आउटसोर्सिंग बंद की जाए तथा भर्ती प्रक्रिया में अनुभव को उचित महत्व दिया जाए। उनका कहना है कि सरकार द्वारा मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण राज्यव्यापी कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। साथ ही समाज से इस आंदोलन का समर्थन करने और अपने-अपने निकायों, पालिकाओं, परिषदों, पंचायतों तथा अन्य संस्थानों में सफाई कार्य बंद रखकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है।
वहीं, सफाई कर्मचारियों के नेता पवन चौधरी ने नंदकिशोर डंडोरिया के कार्य बहिष्कार के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि वे इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हैं। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था आमजन से जुड़ी आवश्यक सेवा है, इसलिए वे निगम प्रशासन के साथ मिलकर सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने देंगे। उन्होंने राजस्थान सरकार से समय रहते संवैधानिक एवं पारदर्शी तरीके से सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की, ताकि अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर अब दो अलग-अलग पक्ष खुलकर सामने आ गए हैं। एक पक्ष आंदोलन और कार्य बहिष्कार के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सफाई व्यवस्था को बनाए रखते हुए भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की पैरवी कर रहा है। ऐसे में अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।