जयपुर, 11 अप्रैल 2026(न्याय स्तंभ)। राजधानी में कथित “ओह मैन” इंजेक्शन को लेकर सामने आए मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेक्स पावर बढ़ाने के नाम पर करीब 6 हजार रुपए तक में बेचे जा रहे इस इंजेक्शन का कनेक्शन शहर के भंडारी हॉस्पिटल से जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर ड्रग कंट्रोल टीम द्वारा अस्पताल परिसर में छापा भी मारा गया, जिसमें कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारों के मुताबिक, इस तरह के इंजेक्शन में विभिन्न दवाओं का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों ने ऐसे मामलों में हार्ट अटैक, लो ब्लड प्रेशर और अन्य दुष्प्रभावों की आशंका जताई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि बिना आवश्यक अनुमति या मानकों के इस तरह का प्रयोग हो रहा था, तो इसकी जवाबदेही किस स्तर पर तय की जाएगी।
इसी बीच अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक कर्मचारी के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं को लेकर FIR भी दर्ज करवाई गई है। हालांकि यह मामला अलग विषय से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन पूरे घटनाक्रम के बीच इस कार्रवाई ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सामने आए बयान में संस्थान के मालिक के. एम. भंडारी का कहना है कि पूरा मामला उसी कर्मचारी से जुड़ा है, जिसके खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और वही व्यक्ति डॉक्टर चिराग भंडारी से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहा था।
हालांकि, इस दावे के बीच अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इतने बड़े और पुराने संस्थान में यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा, तो क्या यह संभव है कि प्रबंधन को इसकी भनक तक न लगी हो? जानकारी के अनुसार, अस्पताल में प्रवेश से लेकर हर गतिविधि तक सख्त नियम लागू हैं—बिना एंट्री के किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं, फोटो और वीडियो पर पाबंदी, और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहती है। ऐसे में यह सवाल और गहरा हो जाता है कि क्या इतनी कड़ी व्यवस्था के बीच भी इस तरह की गतिविधियां बिना किसी जानकारी के चल सकती थीं?
इन परिस्थितियों को देखते हुए अब यह पूरा मामला और अधिक संदिग्ध नजर आने लगा है। क्या “ओह मैन” इंजेक्शन से जुड़े विवाद के बीच FIR का सामने आना महज एक संयोग है, या फिर इससे ध्यान किसी अन्य दिशा में मोड़ने की कोशिश हो रही है—यह जांच का विषय है। फिलहाल पूरा मामला जांचाधीन है और संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। प्रकरण वर्तमान में जांचाधीन है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों द्वारा ही निर्धारित किया जाएगा।