RTE में चयनित 1.80 लाख बच्चे अब भी प्रवेश से वंचित, संयुक्त अभिभावक संघ ने शिक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन

जयपुर, 28 जुलाई 2026(न्याय स्तंभ)। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 12 मार्च को हुई ऑनलाइन लॉटरी के लगभग 150 दिन बीत जाने के बावजूद प्रदेश के करीब 1.80 लाख चयनित विद्यार्थियों को अब तक निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल सका है। इस मुद्दे को लेकर संयुक्त अभिभावक संघ ने मंगलवार को शिक्षा निदेशक, बीकानेर के नाम ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू तथा पीड़ित अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अनुपस्थिति एडीओ संजय यादव को ज्ञापन की प्रति सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

संघ का कहना है कि 12 मार्च को हुई ऑनलाइन लॉटरी में लगभग 2.40 लाख विद्यार्थियों का चयन हुआ था, जिन्हें निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश मिलना था। हालांकि नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है और करीब 75 दिनों की नियमित पढ़ाई भी पूरी हो चुकी है, लेकिन बड़ी संख्या में चयनित बच्चे अब भी विद्यालयों में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं।

प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से अभिभावक निजी विद्यालयों, जिला शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों के लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा निदेशक सहित विभाग के कई अधिकारियों को पत्र और ज्ञापन भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका कहना है कि निजी विद्यालयों की मनमानी के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

संयुक्त अभिभावक संघ ने मांग की है कि आरटीई में चयनित सभी विद्यार्थियों को तत्काल प्रवेश दिलाया जाए, प्रवेश से इनकार करने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए तथा लंबित मामलों की समयबद्ध मॉनिटरिंग कर प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को उसका अधिकार सुनिश्चित किया जाए।

प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों बच्चों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने पर संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेशभर के अभिभावकों के साथ व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा।

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