प्रताप नगर में हिन्दू सम्मेलन की तैयारियाँ तेज, प्रभात फेरी और बैठकों से जनजागरण

जयपुर, 17 जनवरी 2026(न्याय स्तंभ)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे लगभग एक लाख हिन्दू सम्मेलनों की श्रृंखला में सांगानेर महानगर क्षेत्र भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्र की 48 बस्तियों में 48 स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन प्रस्तावित हैं, जिनमें प्रताप नगर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है।

सम्मेलन की तैयारियों को लेकर प्रताप नगर क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक रविन्द्र शर्मा ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं तथा सभी स्तरों पर निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है।


प्रभात फेरी से घर-घर जनसंपर्क

सम्मेलन के प्रचार-प्रसार के लिए प्रातःकालीन घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बंबला बस्ती में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। प्रभात फेरी के दौरान सूचना-पत्र वितरित किए गए तथा महिलाओं को आगामी कलश यात्रा में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया। भजनों और प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से क्षेत्र में सकारात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण किया गया।

समीक्षा बैठक में तैयारियों पर मंथन
गोविन्द नगर में आयोजित एक विस्तृत समीक्षा बैठक में संघ चालक इंद्रमल दानोदिया, विभाग सह-कार्यवाह उत्तम, प्रताप नगर डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष बलबीर तथा महिला मंडल अध्यक्ष जयश्री के निर्देशन में कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में दायित्व वितरण, जनसंपर्क गतिविधियों और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में कोषाध्यक्ष ब्रजमोहन, कैश प्रभारी, प्रचार प्रमुख मनीष, अतुल, सचिव कुलदीप सहित कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र, घनश्याम, हरिओम, अशोक, इंद्रकुमार, सतीश, राकेश एवं पंकज उपस्थित रहे।


ओजस्वी वक्ताओं के प्रवचन होंगे आकर्षण का केंद्र

हिन्दू सम्मेलन में घुमंतू प्रांत संयोजक महेंद्र राजावत तथा ओजस्वी वक्ता पूज्य साध्वी समदर्शी गिरी जी महाराज के उद्बोधन और प्रवचन प्रस्तावित हैं। उनके विचारों के माध्यम से सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों और नागरिक दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना, सेवा भाव और सामाजिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा।

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