जयपुर, 26 अप्रैल 2026(न्याय स्तंभ विशेष)। जयपुर में Indian Premier League का बुखार ऐसा चढ़ा है कि आम आदमी टिकट के लिए लाइन में खड़ा-खड़ा पसीना बहा रहा है… और सिस्टम? वो VIP सूची तैयार करने में व्यस्त है।
शहर में चर्चा है कि जहां आम जनता टिकट के लिए जूझ रही है, वहीं भाजपा के चयनित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए पास किसी “सरकारी योजना” की तरह घर तक पहुंच रहे हैं। फर्क बस इतना है कि इस योजना की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई—बस सोशल मीडिया पर “लाभार्थी” खुद ही इसका प्रचार कर रहे हैं।
कई कार्यकर्ता तो ऐसे खुश नजर आ रहे हैं जैसे उन्हें कोई आयोग या बोर्ड में नियुक्ति मिल गई हो। फोटो, स्टेटस और कैप्शन—“धन्यवाद साहब, पास मिल गया!”अब ये “पास” है या “प्रसाद”, ये समझना थोड़ा मुश्किल हो गया है।
इन चर्चाओं में Bhajan Lal Sharma का नाम भी तैर रहा है। कहा जा रहा है कि कार्यकर्ताओं को खुश रखने के लिए ये नया “मॉडल” अपनाया गया है—
काम हो न हो…
मैच जरूर दिखेगा!
इधर, पार्टी कार्यालयों से भी पासों के बंटवारे की फुसफुसाहट सुनाई दे रही है, लेकिन ये सुविधा “सबका साथ” नहीं, बल्कि “कुछ खास का विकास” वाली लग रही है।
अब सवाल ये उठता है कि क्या कार्यकर्ता अब अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढेंगे… या फिर VIP गैलरी में बैठकर चौके-छक्के गिनेंगे? क्योंकि हकीकत ये है कि जिस कार्यकर्ता का काम महीनों से अटका है… वो अब पास के बोझ तले दबकर शायद ये पूछना ही भूल जाए—“साहब, मेरा काम कब होगा?”
जयपुर में IPL का असली मुकाबला मैदान में जरूर चल रहा है… लेकिन उससे ज्यादा दिलचस्प मैच सियासत की पिच पर खेला जा रहा है— जहां रन नहीं, रिश्ते और रसूख बनाए जा रहे हैं।