500 रुपये से 1100 करोड़ तक का सफर,महंत कमलेश जी ने किया 'मिरेकल' कंपनी का उद्घाटन
जयपुर 22 जुलाई 2026 (न्याय स्तंभ)। मिरेकल समूह की नई कंपनी का उद्घाटन पशुपतिनाथ मंदिर, मुहाना के महंत श्री कमलेश जी महाराज के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर कंपनी के संस्थापक हेमेंद्र अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल और अमित अग्रवाल ने कहा कि वे आज जिस भी मुकाम पर हैं, वह गुरु महाराज के आशीर्वाद, ईश्वर की कृपा, परिवार की एकजुटता और वर्षों की मेहनत का परिणाम है।
500 रुपये से हुई शुरुआत
तीनों भाइयों ने बताया कि उन्होंने महज 500 रुपये से विजिटिंग कार्ड और टाइपिंग का छोटा-सा काम शुरू किया था। इसके बाद टेलीकॉम सेक्टर में पोस्टर और मेटल सप्लाई का कार्य शुरू किया। जिस काम को पूरा करने में बाजार में 15 से 20 दिन लगते थे, उसे उनकी टीम केवल दो से तीन दिन में पूरा कर देती थी। ग्राहकों ने इसे "मिरेकल" कहना शुरू किया और यही आगे चलकर कंपनी का नाम बन गया।
आज 1100 करोड़ का कारोबार
समय के साथ कंपनी ने पैकेजिंग, लेबल प्रिंटिंग, कॉरुगेटेड बॉक्स और प्लास्टिक कैन निर्माण के क्षेत्र में विस्तार किया। आज कंपनी का कारोबार करीब 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। देश की 500 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां इससे जुड़ी हुई हैं और कंपनी 3,500 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2030 तक 3,000 करोड़ रुपये के कारोबार और 8,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी सहयोग की सराहना
हेमेंद्र अग्रवाल ने राजस्थान सरकार की 'राइजिंग राजस्थान' पहल और प्रशासन के त्वरित सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों को पहले की तुलना में अधिक तेज गति से सहयोग मिल रहा है, जिससे नए निवेश और विस्तार को बढ़ावा मिला है।
पर्यावरण और युवाओं के लिए संदेश
कंपनी 60 माइक्रोन से कम प्लास्टिक का उपयोग नहीं करती तथा ईपीआर प्रणाली के तहत उपयोग किए गए प्लास्टिक के बराबर कचरे का पुनर्चक्रण भी सुनिश्चित करती है।
युवाओं को संदेश देते हुए तीनों भाइयों ने कहा कि बाजार की जरूरतों को पहचानकर ईमानदारी, मेहनत और नवाचार के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि स्क्रैप और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। उनका मानना है कि गुरु का आशीर्वाद, परिवार का साथ और दृढ़ संकल्प किसी भी व्यक्ति को शून्य से शिखर तक पहुंचा सकता है।